Event has already passed and is no longer accepting registrations.
क्या आपकी संस्था को CSR फंडिंग प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है?
क्या आप सोचते हैं कि कुछ NGOs को आसानी से फंड मिल जाता है, जबकि कई संस्थाएँ अच्छी पहल करने के बावजूद पीछे रह जाती हैं?
क्या आपको यह स्पष्ट नहीं है कि फंडर्स से संपर्क करने से पहले आपकी संस्था के पास कौन-कौन से दस्तावेज़, प्रक्रियाएँ और व्यवस्थाएँ होनी चाहिए?
क्या आपकी संस्था अच्छा काम कर रही है, लेकिन उसे वह पहचान और भरोसा नहीं मिल पा रहा है जिसकी वजह से फंडिंग के अवसर बढ़ सकें?
देशभर में कई जमीनी स्तर (Grassroots) की संस्थाएँ अपने समुदायों में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। फिर भी, फंडिंग प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बना रहता है। अक्सर समस्या संस्था के काम की गुणवत्ता में नहीं होती, बल्कि इस बात में होती है कि फंडर्स क्या देखते हैं और संस्था खुद को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में कैसे प्रस्तुत करती है।
CSR फंडिंग के लिए आवेदन करने से पहले किसी भी संस्था का फंडर-रेडी (Funder Ready) होना आवश्यक है। इसका अर्थ है कि संस्था के पास आवश्यक दस्तावेज़, पंजीकरण, नीतियाँ, प्रक्रियाएँ और अपनी कहानी को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता हो।
CSR विशेषज्ञ प्रशांत पाल, PURE इंडिया ट्रस्ट के फाउंडर एवं CEO, द्वारा संचालित इस सत्र में जमीनी स्तर की NGOs को समझाया जाएगा कि CSR फंडर्स संभावित साझेदारों का मूल्यांकन कैसे करते हैं और फंडिंग के लिए बेहतर तैयारी कैसे की जा सकती है।
मुख्य सीख
CSR फंडर्स क्या देखते हैं?
जानिए कि किसी NGO को चुनने से पहले कंपनियाँ किन महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देती हैं।
अपनी संस्था को फंडिंग के लिए तैयार बनाइए
समझिए कि कौन-कौन से दस्तावेज़, पंजीकरण, नीतियाँ और व्यवस्थाएँ आपकी संस्था में होनी चाहिए।
सामान्य गलतियों से बचिए
उन कमियों और गलतियों के बारे में जानिए जो अक्सर फंडिंग मिलने की संभावना को कम कर देती हैं।
संस्था की विश्वसनीयता बढ़ाइए
सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी संस्था की पहचान और भरोसे को मजबूत बनाने के व्यावहारिक तरीके सीखिए।
CSR साझेदारी की दिशा में पहला कदम उठाइए
फंडिंग के अवसरों के लिए अपनी संस्था को तैयार करने के लिए उपयोगी और व्यवहारिक सुझाव प्राप्त कीजिए।
यह सत्र किनके लिए है?
NGO के संस्थापक (Founders), Executive Directors, Trustees, Fundraising Professionals, Programme Managers, तथा जमीनी स्तर और छोटी NGOs के वे सभी प्रतिनिधि जो CSR और अन्य संस्थागत फंडिंग के लिए अपनी तैयारी को मजबूत बनाना चाहते हैं।
यह सत्र फंडरेज़िंग पर आधारित तीन-सत्रीय श्रृंखला का पहला भाग है। अगले सत्रों में "सही फंडर्स की पहचान करना और उनसे संपर्क करना" तथा "छोटे NGOs के लिए प्रभावी प्रस्ताव लेखन" जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
आज ही आईपीएन का फंड जुटाने की तैयारी का आकलन करें!
अपनी फंड जुटाने की तैयारी के स्तर को जानें—आज ही आकलन करें। यहां क्लिक करें।
सेशन से पहले इन्हें देखें
सेशन से पहले आप इन अतिरिक्त संसाधनों को देख सकते

%20(1)%20(1)_b849f1de-7dab-4a0f-8a6b-e5bfb64d9ae6.webp)
--